गाइडबजट
घर बनवाने का खर्च किन बातों से तय होता है
सिर्फ़ एक रेट प्रति वर्ग फ़ुट असली वजहें छुपा देता है। ये वे बातें हैं जिनसे आपका बजट ऊपर-नीचे होता है।
हर घर के लिए एक ही आँकड़ा सही नहीं बैठता। घर बनाने का खर्च कुछ ऐसी बातों पर टिका होता है जो आपके हाथ में हैं और कुछ ऐसी जो नहीं हैं। मुख्य बातें समझ लेंगे तो सही बजट बना पाएँगे और अलग-अलग एस्टिमेट की ठीक से तुलना कर पाएँगे।
डिज़ाइन और साइज़
सीधा और कॉम्पैक्ट ढाँचा आमतौर पर उन घरों से सस्ता पड़ता है जिनमें कई मंज़िलें, टेढ़ी-मेढ़ी बनावट, बड़े स्पैन या बाहर निकले हिस्से हों। हर अतिरिक्त पेचीदगी के साथ मटेरियल, मज़दूरी और समय बढ़ता है।
साइट और मिट्टी की हालत
मिट्टी कैसी है, इससे फ़ाउंडेशन का डिज़ाइन तय होता है। ढलान वाला प्लॉट, गाड़ियों के आने-जाने की कम जगह और काम करने के लिए तंग जगह, ये सब भी काम बढ़ा सकते हैं।
मटेरियल
सीमेंट, सरिया, ईंट या ब्लॉक और दूसरे स्ट्रक्चरल मटेरियल लागत और टिकाऊपन, दोनों पर असर डालते हैं। स्पेसिफ़िकेशन लिखित में माँगिए, ताकि दो एस्टिमेट एक ही क्वालिटी के आधार पर बने हों।
फ़िनिशिंग और फ़िटिंग
flooring, टाइल्स, सैनिटरीवेयर, किचन, लाइटिंग, दरवाज़े और खिड़कियाँ अक्सर एक ही साइज़ के दो घरों के बीच सबसे बड़ा फ़र्क पैदा करते हैं। फ़िनिशिंग पहले से तय कर लेंगे तो एस्टिमेट ज़्यादा भरोसेमंद बनेगा।
इलेक्ट्रिकल और plumbing
कितने प्वाइंट लगेंगे, बिजली का लोड कितना होगा और plumbing का लेआउट कैसा है, इन सबका असर खर्च पर पड़ता है। इन्हें डिज़ाइन के साथ ही प्लान कर लें तो दीवारें बनने के बाद महँगे बदलाव नहीं करने पड़ते।
लोकेशन और समय
मज़दूरी और मटेरियल के रेट शहर-शहर में अलग होते हैं और समय के साथ बदलते रहते हैं। स्थानीय मंज़ूरी की शर्तें और फ़ीस भी अलग-अलग होती हैं।
सही बजट कैसे बनाएँ
- कुल मिलाकर एक ऐसी रेंज तय करें जो आप उठा सकें, जिसमें फ़िनिशिंग और इंटीरियर भी शामिल हों।
- लिखित स्कोप के साथ आइटम-वार एस्टिमेट माँगें।
- एक ही स्कोप और मटेरियल स्पेसिफ़िकेशन पर एस्टिमेट की तुलना करें।
- बदलावों और अनदेखे खर्चों के लिए कुछ रकम अलग रखें।
- निर्माण शुरू होने से पहले बड़ी फ़िनिशिंग तय कर लें।
पूरे क्रम में एस्टिमेट कहाँ आता है, यह जानने के लिए हमारा लेख देखें: घर बनवाने की प्लानिंग कैसे करें।
अगला कदम। अपने प्रोजेक्ट का एस्टिमेट जानने के लिए, हमारे एन्क्वायरी फ़ॉर्म में अपना प्लॉट और ज़रूरतें भेज दीजिए।
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