गाइडप्लानिंग
घर बनवाने की प्लानिंग कैसे करें: एक-एक कदम
खाली प्लॉट से चाबी हाथ में आने तक: घर बनवाने का सही क्रम क्या होता है और हर चरण पर क्या तय करना है।
घर बनवाते समय सैकड़ों फ़ैसले लेने पड़ते हैं, और ज़्यादातर परेशानी इसलिए होती है कि फ़ैसले गलत क्रम में लिए जाते हैं। इस लेख में वह क्रम बताया गया है जिससे एक सुलझा हुआ रिहायशी प्रोजेक्ट आमतौर पर चलता है, ताकि आपको पता रहे कि पहले क्या तय करना है और क्या बाद में।
1. पहले अपनी ज़रूरत और बजट तय करें
लिख लीजिए कि घर में कौन-कौन रहेगा, कितने बेडरूम और बाथरूम चाहिए, और पार्किंग, होम ऑफिस, पूजा घर या घर के बुज़ुर्गों के लिए अलग जगह चाहिए या नहीं। फिर यह भी तय कर लीजिए कि आप कितने बजट में सहज हैं। यह सब डिज़ाइनर से मिलने से पहले कर लेंगे तो आगे के हर फ़ैसले में आसानी रहेगी।
2. अपने प्लॉट को समझें
प्लॉट का साइज़, शेप, दिशा और रास्ता तय करते हैं कि उस पर क्या बन सकता है। मालिकाना कागज़ और सीमाएँ जाँच लें, और यह भी पता करें कि सेटबैक, ऊँचाई और ज़मीन के इस्तेमाल को लेकर स्थानीय नियम क्या कहते हैं। ये नियम शहर और स्थानीय प्राधिकरण के हिसाब से अलग हो सकते हैं, इसलिए डिज़ाइन फ़ाइनल करने से पहले संबंधित दफ़्तर या किसी योग्य प्रोफ़ेशनल से पक्का कर लें।
3. ऐसा डिज़ाइन लें जो आपकी रोज़ की ज़िंदगी में फ़िट बैठे
अच्छा नक्शा रोज़ की आवाजाही से शुरू होता है: रसोई से डाइनिंग, बेडरूम से बाथरूम, गेट से पार्किंग। एलिवेशन देखने से पहले फ़्लोर प्लान देखें और अपनी दिनचर्या से मिलाकर परखें। रोशनी और हवा के बारे में शुरू में ही सोच लें, क्योंकि दीवारें खड़ी होने के बाद इन्हें ठीक करना मुश्किल होता है।
4. काम का दायरा और एस्टिमेट लिखित में तय करें
काम शुरू होने से पहले लिखित स्कोप माँगिए, जिसमें साफ़ हो कि क्या-क्या शामिल है, कौन-सा मटेरियल और फ़िटिंग लगेगी, और लागत कैसे निकाली गई है। साफ़ एस्टिमेट और मटेरियल प्लान से आगे के ज़्यादातर झगड़े रुक जाते हैं। लागत किन बातों से तय होती है, यह समझना हो तो हमारा लेख पढ़ें: घर बनवाने का खर्च किन बातों से तय होता है।
5. काम चरणों में करवाएँ
आमतौर पर क्रम कुछ ऐसा होता है:
- खुदाई और फ़ाउंडेशन
- स्ट्रक्चर: कॉलम, बीम, slab, दीवारें और चिनाई
- सर्विसेज़: इलेक्ट्रिकल, plumbing और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर
- फ़िनिशिंग: flooring, पेंट, दरवाज़े, खिड़कियाँ, फ़िटिंग और इंटीरियर
- फ़ाइनल जाँच
- हैंडओवर
अगला चरण शुरू होने से पहले हर चरण की जाँच होनी चाहिए, क्योंकि सर्विसेज़ और फ़िनिशिंग पहले के काम को ढक देती हैं। हम इन चरणों को कैसे चलाते हैं, यह हमारी प्रोसेस टाइमलाइन में देख सकते हैं।
6. हैंडओवर से पहले अच्छी तरह जाँच करें
चेकलिस्ट लेकर हर कमरे में घूमिए: फ़र्श का लेवल, दरारें, रिसाव, स्विच, नल, दरवाज़े, खिड़कियाँ और पेंट की फ़िनिशिंग। जो कुछ ठीक करवाना है उसकी सूची बनाइए और कब्ज़ा लेने से पहले उसकी तारीख़ तय कर लीजिए।
7. हैंडओवर के बाद की भी योजना रखें
घर को नियमित देखभाल चाहिए। तय कर लें कि मरम्मत, पेंट और waterproofing कौन देखेगा, और नक्शे व मटेरियल की जानकारी एक जगह सँभालकर रखें। शुरुआत के लिए हमारी घर की देखभाल की चेकलिस्ट अच्छी रहेगी।
अगला कदम। Rajwada Construction पूरा क्रम एक ही छत के नीचे संभालता है, सलाह-मशविरे से लेकर देखभाल तक।
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